:
Breaking News

बजट सत्र के 15वें दिन सदन में हंगामा: अपराध पर घिरी सरकार, जीआई टैग और छात्र योजनाओं पर भी गरमाई बहस

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना से विधानसभा रिपोर्ट | बिहार विधान मंडल के बजट सत्र का 15वां दिन सोमवार को राजनीतिक गर्माहट, आरोप-प्रत्यारोप और हल्की नोकझोंक के बीच बीता। सदन के भीतर जहां विपक्ष बढ़ते अपराध को लेकर आक्रामक रहा, वहीं जीआई टैग और छात्र योजनाओं जैसे मुद्दों पर भी लंबी चर्चा देखने को मिली।
सबसे पहले कानून-व्यवस्था के सवाल पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। राजधानी पटना में दो भाइयों की हत्या के मामले को उठाते हुए विपक्षी विधायकों ने इसे राज्य में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण बताया। विरोध में कई विधायक नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए और सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया।
इसी बीच सदन में स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने का मुद्दा भी गूंजा। विधायक सियाराम सिंह ने बाढ़ की प्रसिद्ध लाई मिठाई को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) दिलाने की मांग उठाई। इस पर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और दस्तावेज चेन्नई स्थित संबंधित कार्यालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही इस पारंपरिक मिठाई को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है।
इस चर्चा के दौरान सदन का माहौल हल्का भी हुआ। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने गया के तिलकुट को भी जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मंत्री जी बढ़ैया का रसगुल्ला तो खाते हैं, लेकिन उसे जीआई टैग दिलाने की पहल नहीं करते। इस पर दिलीप जायसवाल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि “विजय बाबू ने आज तक रसगुल्ला खिलाया ही नहीं, फिर भी हम उसकी पहचान दिलाने की कोशिश करेंगे।”
सदन में शराबबंदी की समीक्षा के बयान को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज रही। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समीक्षा की मांग जनहित में की गई थी, इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
प्रश्नकाल के दौरान छात्र हित से जुड़ा मुद्दा भी उठा। भाजपा विधायक ने सरकार से पूछा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों को समय पर डीबीटी के माध्यम से राशि मिल रही है या नहीं। इस पर वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रों के खातों में राशि भेजने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रक्रिया में निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
कुल मिलाकर बजट सत्र का यह दिन राजनीतिक तकरार, स्थानीय पहचान के मुद्दों और योजनाओं की समीक्षा—तीनों के कारण खासा चर्चा में रहा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *